पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर भारत-पाकिस्तान सीमा पर बसे किसानों की वर्षों पुरानी समस्या को प्रमुखता से उठाया। सीमा पर लगी कांटेदार तार (फेंसिंग) को अंतरराष्ट्रीय सीमा से 200 मीटर आगे खिसकाने की मांग को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है।
आम आदमी पार्टी के पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने अमृतसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगी कांटेदार तार के कारण हजारों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि फेंसिंग के आगे चली गई थी। इससे सीमावर्ती किसानों को खेती करने में भारी परेशानी होती थी।
किसानों को सीमित समय में खेती की अनुमति, सख्त सुरक्षा जांच, फसलों की ऊंचाई पर पाबंदी और महिलाओं की जांच जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। ये मुद्दे किसानों के लिए एक बड़ी पीड़ा का कारण बने हुए थे।
15 दिनों के भीतर काम शुरू होने की संभावना
धालीवाल ने बताया कि, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय गृहमंत्री के समक्ष स्पष्ट मांग रखी थी कि या तो फेंसिंग के आगे की जमीन का उचित मुआवजा दिया जाए, या फिर कांटेदार तार को अंतरराष्ट्रीय सीमा से 200 मीटर आगे किया जाए। गृह मंत्रालय ने इस मांग को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है और उम्मीद है कि आगामी 15 दिनों के भीतर इस पर काम शुरू हो जाएगा।
इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद पंजाब की लगभग 532 किलोमीटर लंबी सीमा पर स्थित हजारों एकड़ कृषि भूमि एक बार फिर किसानों के उपयोग में आ सकेगी। इसे सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले किसानों और आम लोगों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
सीमावर्ती किसान करेंगे सीएम मान का सम्मान : धालीवाल
कुलदीप धालीवाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान का अजनाला दौरे के दौरान सीमावर्ती किसानों द्वारा विशेष सम्मान किया जाएगा।
इस दौरान, कुलदीप धालीवाल ने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता बिना सोचे-समझे बयानबाजी कर रहे हैं और दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनावों में पंजाब से कांग्रेस का राजनीतिक सफाया हो जाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि अब जनता केवल बयान नहीं, बल्कि काम करने वाली सरकार पर भरोसा कर रही है।