पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कथित दिल्ली शराब घोटाले के मामले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल, सीनियर नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, दुर्गेश पाठक, सतिंदर जैन और अन्यों के बरी होने से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजनीति से प्रेरित साजिश पूरी तरह से बेनकाब हो गई है।
शराब घोटाले केस में क्लीन चिट देने के दिल्ली अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए चीमा ने कहा कि इस फैसले से पूरे देश के सामने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह केस केंद्रीय एंजसियों का दुरुप्रयोग करके आम आदमी पार्टी लीडरशिप को बदनाम करने और उसे राजनीतिक तौर पर खत्म करने की कोशिश के तौर पर बनाया गया था।
चीमा ने कहा कि जज का फैसला अपने आप में उस साजिश की हद को उजागर करता है जो भाजपा ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ रची थी। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) और एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) का गलत इस्तेमाल करके आप की ईमानदारी पर सवाल उठाने की कोशिश की गई। आज देश के लोगों को यह साफ हो गया है कि कैसे इन एजेंसियों का राजनीतिक फायदे के लिए गलत इस्तेमाल किया गया था।
उन्होंने याद दिलाया कि आप का जन्म भ्रष्टाचार के विरुद्ध देशव्यापी आंदोलन मे से हुआ था। और इसकी स्थापना उन नेताओं ने की थी जिन्होंने अपनी ज़िंदगी साफ-सुथरी राजनीति के लिए लगा दी थी। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, दुर्गेश पाठक, सतिंदर जैन, ये वो नेता हैं जिन्होंने आम आदमी पार्टी की नींव रखी और इसे पूरे देश में फैलाया। आज, उनके कमिटमेंट और बलिदान की वजह से ही हम कई राज्यों में सरकार और विपक्ष में हैं।
चीमा ने ज़ोर देकर कहा कि यह फ़ैसला बी.आर. अंबेडकर के बनाए संविधान की भी जीत है। डॉ. बी.आर. अंबेडकर, जिन्होंने गरीबी से उठकर भारत का संविधान बनाया, उन्होंने हर नागरिक के लिए बराबरी, निजी आज़ादी की सुरक्षा और बुनियादी अधिकारों को पक्का किया। अगर आप संविधान को ध्यान से पढ़ेंगे, तो आप समझ सकते हैं कि यह कितनी गहराई से निजी आज़ादी की रक्षा करता है। आज दिल्ली अदालत का फ़ैसला यह साबित करता है कि संविधान सबसे ऊपर है।
खुद वकालत कर चुके चीमा ने कहा कि यह केस देश के कानूनी इतिहास में याद रखा जाएगा। यह इस देश के इतिहास का ऐसा केस है जिसमें भाजपा की सीबीआई पूरी तरह से बेनकाब हो गई है। कोई सबूत नहीं था, फिर भी एक कथित घोटाला किया गया। बाबासाहेब अंबेडकर के कानून के खिलाफ खेले गए इस खेल के लिए भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री को जवाब देना होगा।
उन्होंने न्यायपालिका का धन्यवाद करते हुए कहा कि अदालतें हमेशा न्याय और सच्चाई के साथ खड़ी होती हैं। संविधान के तहत, हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने, राजनीति में हिस्सा लेने और लोगों की सेवा करने का अधिकार है। आज का फैसला उस सिद्धांत को पक्का करता है।
चीमा ने भाजपा पर संवैधानिक प्रावधानों का गलत इस्तेमाल करके लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। संविधान भाजपा या किसी एक पार्टी का नहीं है। यह बाबासाहेब अंबेडकर और 140 करोड़ भारतीयों का है। इसे इसलिए बनाया गया था ताकि लोग सम्मान के साथ जी सकें और अच्छी शिक्षा पा सकें। लेकिन भाजपा यह पचा नहीं पा रही है कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया गरीबों को अच्छी शिक्षा दे रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स को आईआईटी जैसे बड़े इंस्टीट्यूशन में एडमिशन, गरीब परिवारों को अच्छी हेल्थ सुविधाएं मिलना और दिल्ली और पंजाब से करप्शन और ड्रग्स को खत्म करने की कोशिशों से परेशान है।
इसीलिए उन्होंने आम आदमी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की। लेकिन आज, देश भर में संविधान में विश्वास रखने वाले लाखों लोग जश्न मना रहे हैं। सच की जीत हुई है।
चीमा ने आप कार्यकर्ताओ को मुश्किल समय में चट्टान की तरह पार्टी के साथ खड़े रहने और भाजपा की हरकतों को लगातार सामने लाने के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने अंत में कहा कि जहां कांग्रेस और भाजपा दोनों ने डॉ. अंबेडकर के नाम का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया है, वहीं आम आदमी पार्टी ने ही असल में उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाया है।
चीमा ने कहा कि यह फैसला सच की जीत है। आज देश के करोड़ों लोग समझ गए हैं कि भाजपा झूठ का सहारा लेती है, लेकिन आखिर में जीत संविधान और इंसाफ की होती है।