आम आदमी पार्टी (आप) ने 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों द्वारा 12 फरवरी 2026 को बुलाए गए देशव्यापी भारत बंद को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया है। पार्टी ने केंद्र की भाजपा सरकार की कथित मजदूर-विरोधी और किसान-विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब सहित पूरे देश में ‘आप’ कार्यकर्ता मजदूरों और किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस बंद में भाग लेंगे।
नए लेबर कोड पर कड़ा विरोध
पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए लेबर कोड मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला हैं।
उनका आरोप है कि इन कोड्स के जरिए:
- नौकरी की सुरक्षा कमजोर की गई है
- कानूनी संरक्षण की धाराओं को कमज़ोर किया गया है
- मालिकों को भर्ती और छंटनी में अधिक छूट दी गई है
‘आप’ नेताओं का कहना है कि इससे करोड़ों मेहनतकश लोगों के अधिकार और हित खतरे में पड़ गए हैं।
किसान संगठनों का समर्थन
पार्टी ने कहा कि किसान संगठनों द्वारा इस भारत बंद का समर्थन यह दर्शाता है कि केंद्र की आर्थिक नीतियों ने किसानों को भी प्रभावित किया है। उनका आरोप है कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
पंजाब सरकार के कार्यों का हवाला
आम आदमी पार्टी ने कहा कि पंजाब में उनकी सरकार ने मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई है, किसानों की गेहूं और धान की फसलों की समय पर खरीद सुनिश्चित की है और आम लोगों को मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं तथा शिक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं।
पार्टी नेताओं का कहना है कि यह कदम साबित करते हैं कि उनकी पार्टी आम लोगों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्र सरकार पर कॉरपोरेट्स को लाभ पहुंचाने का आरोप
‘आप’ ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार बड़े कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए मजदूरों के अधिकारों को कमजोर कर रही है।
पार्टी के अनुसार, नए लेबर कोड के तहत नियोक्ताओं को बिना जवाबदेही के कर्मचारियों को निकालने की अधिक स्वतंत्रता दी गई है।
शांतिपूर्ण बंद की अपील
आम आदमी पार्टी ने पंजाब और देशभर के मजदूरों, किसानों, दुकानदारों, छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों से 12 फरवरी के भारत बंद को शांतिपूर्ण तरीके से सफल बनाने की अपील की है।
पार्टी ने कहा कि यह बंद किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि करोड़ों मेहनतकश लोगों के स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई है।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने मजदूरों और किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो पार्टी अगले चरण के आंदोलन में भी उनके साथ खड़ी रहेगी।