पंचकूला कोर्ट से आईएएस विजय सिंह दहिया को बड़ी राहत, भ्रष्टाचार मामले में दोषमुक्त
पंचकूला। भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में पंचकूला की अदालत ने आईएएस अधिकारी विजय सिंह दहिया को दोषमुक्त करार दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियोजन की वैधानिक अनुमति के बिना किसी लोक सेवक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती।
यह मामला राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Vigilance & Anti Corruption Bureau) द्वारा दर्ज किया गया था। जांच पूरी होने के बाद वर्ष 2024 और 2025 में अभियोजन की अनुमति मांगी गई, लेकिन मुख्य सचिव कार्यालय ने 9 जनवरी 2026 को अभियोजन स्वीकृति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद ब्यूरो ने अदालत को सूचित किया कि अभियोजन स्वीकृति न होने के कारण आरोप पत्र दाखिल करना संभव नहीं है।
क्या है पूरा मामला
शिकायतकर्ता रिंकू मनचंदा फतेहाबाद में एक शैक्षणिक संस्थान संचालित करता है। उसने आरोप लगाया था कि उसके लगभग 50 लाख रुपये के लंबित बिल पास कराने के लिए रिश्वत की मांग की गई।
आरोपों के अनुसार, तत्कालीन मुख्य कौशल अधिकारी दीपक शर्मा ने मनचंदा को बिल पास कराने के लिए पूनम चोपड़ा से संपर्क करने को कहा। बताया गया कि पूनम चोपड़ा ने आईएएस विजय सिंह दहिया से कथित बातचीत के बाद पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी, जिसमें से दो लाख रुपये लिए गए।
रंगे हाथ पकड़ी गई थी पूनम चोपड़ा
सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पूनम चोपड़ा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इसी मामले में अक्टूबर 2023 में आईएएस विजय सिंह दहिया को भी गिरफ्तार किया गया था।
हालांकि, अभियोजन की अनुमति न मिलने के कारण अदालत ने कानूनी प्रक्रिया के अभाव में विजय सिंह दहिया को दोषमुक्त कर दिया।