हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘पंडित दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ के नियमों में बड़े बदलाव की घोषणा की है। सरकार के इस नए फैसले के तहत अब लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में सीधे तौर पर कटौती की गई है, जो आगामी फरवरी माह से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएगी।
नकद राशि में कटौती और अनिवार्य बचत का नियम
योजना के नए प्रावधानों के अनुसार, अब लाभार्थी महिलाओं के खातों में हर महीने 2100 रुपए के स्थान पर केवल 1100 रुपए नकद भेजे जाएंगे। शेष 1000 रुपए की राशि को सरकार द्वारा संचालित आवर्ती जमा (RD) या सावधि जमा (FD) खाते में अनिवार्य रूप से जमा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कदम महिलाओं के भविष्य के लिए एक ठोस बचत कोष तैयार करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
5 साल बाद ब्याज सहित मिलेगी एकमुश्त राशि
बचत के रूप में जमा की जा रही 1000 रुपए की यह राशि 5 साल की अवधि पूरी होने के बाद लाभार्थी महिला को ब्याज सहित एकमुश्त वापस दी जाएगी। सुरक्षा के लिहाज से सरकार ने यह प्रावधान भी किया है कि यदि योजना की अवधि के दौरान लाभार्थी महिला की मृत्यु हो जाती है, तो जमा की गई पूरी राशि और उसका लाभ बिना किसी देरी के उनके नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी) को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
योजना का विस्तार और नई पात्रता शर्तें
सरकार ने योजना के दायरे को बढ़ाते हुए इसे शिक्षा और स्वास्थ्य से भी जोड़ दिया है। अब वे माताएं भी इस योजना की पात्र होंगी जिनके बच्चों ने सरकारी स्कूलों में 10वीं या 12वीं की परीक्षा में 80% से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, या जिनके बच्चे कुपोषण मुक्त हुए हैं। इन विशेष श्रेणियों के तहत 1.80 लाख रुपए तक की वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को अधिकतम तीन बच्चों तक 3 साल के लिए यह लाभ प्रदान किया जाएगा। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लाभार्थियों की सूची ग्राम सभाओं और वार्ड समितियों में सार्वजनिक की जाएगी।