आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब पुलिस ने औपचारिक रूप से ‘गैंगस्टरों पर वार’ मुहिम की शुरुआत कर दी है। यह अभियान सूबे में संगठित अपराध के खिलाफ एक निर्णायक और बड़े पैमाने की जंग का आगाज है, जो गैंगस्टरवाद को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रतीक
मंगलवार को पार्टी दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पन्नू ने कहा कि यह मुहिम मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति को दर्शाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई प्रतीकात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि युद्धस्तर पर की जा रही गंभीर पहल है।
‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ के बाद संगठित अपराध पर फोकस
पन्नू ने बताया कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान की बड़ी सफलता के बाद अब पंजाब पुलिस ने संगठित अपराध पर ध्यान केंद्रित किया है। इस मुहिम के तहत हजारों तस्करों को गिरफ्तार किया गया, भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए और सप्लाई चेन व स्ट्रीट लेवल नेटवर्क को काफी हद तक तोड़ा गया। सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब में सीमा पार से नशे की तस्करी की कोशिशें होती रहीं, जिनका जवाब सरकार ने एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाकर दिया।
देश की सबसे बड़ी गैंगस्टर विरोधी कार्रवाइयों में से एक
पन्नू ने कहा कि ‘गैंगस्टरों पर वार’ गहन योजना और मूल्यांकन के बाद शुरू किया गया अभियान है। मंगलवार सुबह से ही पूरे पंजाब में कई जगह छापेमारी की गई है, जिनके शुरुआती नतीजे सामने आ चुके हैं। अगले 72 घंटों में और भी अहम परिणाम आने की उम्मीद है।
गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देने का इतिहास
उन्होंने कहा कि “गैंगस्टर” शब्द पंजाब की शब्दावली में महज 15–18 साल पहले आया। वर्ष 2007 से 2017 के दौरान जानबूझकर गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा दिया गया, युवाओं को इस राह पर धकेला गया और हिंसा चरम पर पहुंची। नाभा जेल ब्रेक और पुलिस पर हमलों जैसी घटनाओं को उन्होंने पंजाब का काला दौर बताया।
पिछली सरकारों पर गंभीर आरोप
पन्नू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय गैंगस्टरवाद पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के एक गैंगस्टर को राजनीतिक संरक्षण में पंजाब की जेल में रखा गया, जिसकी कस्टडी वापस लेने के लिए यूपी सरकार को सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा।
मुठभेड़ों का विवरण
मंगलवार की कार्रवाई की जानकारी देते हुए पन्नू ने बताया कि अमृतसर में पुलिस पर गोली चलाने वाले गैंगस्टर मनी प्रिंस को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। वहीं, मंडी गोबिंदगढ़ (फतेहगढ़ साहिब) में हुई मुठभेड़ में एक गैंगस्टर के पैर में गोली लगी है। उस पर लूट और एनडीपीएस एक्ट के तहत करीब 9 मामले दर्ज हैं।
कड़ा संदेश: धमकी और फिरौती पर सख्त जवाब
पन्नू ने चेतावनी दी कि धमकी देने या फिरौती मांगने वाले गैंगस्टरों को उनकी ही भाषा में जवाब दिया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान के हवाले से उन्होंने कहा, “अगर कोई गैंगस्टर गोली चलाएगा, तो जवाब भी गोली से ही मिलेगा।”
विदेशों में बैठे गैंगस्टरों पर शिकंजा
उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस विदेशों में सक्रिय गैंगस्टरों के प्रत्यर्पण के लिए केंद्र सरकार के साथ तालमेल कर रही है। दोषियों के डोजियर तैयार कर साझा किए जा चुके हैं और कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की जाएगी।
जनता से सहयोग की अपील
बलतेज पन्नू ने पंजाबियों से पुलिस का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 जारी किया गया है, जहां सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। सही जानकारी देने वालों को उचित इनाम भी दिया जाएगा।
पंजाब को नशा और गैंगस्टरवाद से मुक्त करने का संकल्प
अंत में पन्नू ने कहा कि गैंगस्टरवाद और नशा पिछली सरकारों द्वारा बोए गए जहरीले पौधे हैं, और मान सरकार पंजाब को इनसे मुक्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।